गाय की सेवा से होगा वास्तु दोष दूर, सेहत भी होगी अच्छी

भारत से लेकर विदेशों तक अपने ज्ञान और उसके पीछे छिपे साइंटिफिक एप्रोच से लोगों की ज़िन्दगी में एक सकारात्मक बदलाब लाने वाले वास्तु कंसलटेंट श्री मनोज जैन वास्तु रीडर के साथ होलिस्टिक कोच, ऑरा रीडर  और लाइफ कोच भी हैं.

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार गाय को पवित्र जीव माना जाता है और साथ ही मान्यता ये भी है की गाय के शरीर पर 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है,जो व्यक्ति गौ माता की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गौ माता हर लेती है। आइए जानते हैं वास्तु एक्सपर्ट मनोज जैन से गाय से जुड़े कुछ तथ्य और उपाय जिसको करने से आप अपने हर बिगड़े काम को संभाल सकते है।

-गौ माता की पीठ पर एक उभरा हुआ कुबड़ होता है। उस कुबड़ में सूर्य केतु नाड़ी होती है। रोजाना सुबह गौ माता की पीठ पर हाथ फेरने से रोगों का नाश होता
है।
– गौ माता के गोबर से निर्मित शुद्ध धूप-बत्ती का उपयोग करें। इसे घर में वास्तु दोष समाप्त होता है।
– गाय की पूजा करने से नौ ग्रह शांत रहते हैं।
– बच्चे अगर कहने से बाहर हो तो गौमाता को भोजन उनके हाथ से या हाथ लगवा कर खिलाएं।
– प्रतिदिन,सप्ताह में या महीने में एक बार गौशाला परिवार समेत जाने का नियम बनाएं।
– गर्मियों में गौ माता को पानी अवश्य पिलाएं।
– सर्दियों में गौ माता को गुड़ खिलाएं। लेकिन गर्मियों में गाय को गुड़ न खिलाएं।
– गौ माता के पंचगव्य हजारों रोगों की दवा है, इसके सेवन से असाध्य रोग मिट जाते हैं।
– परिवार में गौ से प्राप्त पंचगव्य युक्त पदार्थों का उपयोग करें, पंचगव्य के बिना पूजा पाठ हवन सफल नहीं होते।
– गौ गोबर के बने उपलों से रोजाना घर दूकान मंदिर परिसरों पर धुप करने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
– घर के दरवाजे पर गाय आये तो उसे खाली न लौटाएं।
– गौ माता को कभी पैर न लगाए, गौ माता अन्नपूर्णा देवी कामधेनु है, मनोकामना पूर्ण करने वाली है।
– गौ माता के दुध मे सुवर्ण तत्व पाया जाता है जो रोगों की क्षमता को कम करता है।

वास्तु गुरु मनोज जैन कहते है की जिस जगह खड़ी होकर गौ माता आनंदपूर्वक चैन की सांस लेती है । वहां वास्तु दोष सदा के लिए समाप्त हो जाता हैं।