घर में सुख-समृद्धि के लिए रखे इन बातों का ख्याल

भारत से लेकर विदेशों तक अपने ज्ञान और उसके पीछे छिपे साइंटिफिक एप्रोच से लोगों की ज़िन्दगी में एक सकारात्मक बदलाब लाने वाले वास्तु कंसलटेंट श्री मनोज जैन वास्तु रीडर के साथ होलिस्टिक कोच, ऑरा रीडर  और लाइफ कोच भी हैं.

हम सभी अपने और अपनों के जीवन में सुख-समृद्धि लाना चाहते हैं जहाँ समृद्धि आपकी मेहनत पर निर्भर करती है, तो वहीँ सुख और शांति के लिए आपको पूजा पाठ और वास्तु शास्त्र का रास्ता अपनाना पड़ता है । जीवन में सुख और शांति के लिए जितना ज्‍यादा आपका व्‍यवहार मायने रखता है, उससे कहीं ज्‍यादा आपके घर का वास्‍तु भी क्योंकि वास्तु शास्त्र एक प्योर साइंस हैं जो आपके घर की दिशा और घर में रखे सामान की जगह से सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव आपके जीवन पर दर्शाता हैं, वास्तु गुरु मनोज जैन बताते है की वास्तु शास्त्र की मदद से घर में नकारात्मक प्रभाव को खत्म कर सुख-समृद्धि लाई जा सकती हैं।

– मकान का मुख्‍य द्वार दक्षिण मुखी नहीं होना चाहिए। इसके लिए आप चुंबकीय कंपास लेकर जाएं। यदि आपके पास अन्‍य विकल्‍प नहीं हैं, तो द्वार के ठीक सामने
बड़ा सा दर्पण लगाएं, ताकि नकारात्‍मक ऊर्जा द्वार से ही वापस लौट जाएं।
-घर के प्रवेश द्वार पर स्वस्तिक या ऊँ की आकृति लगाएं। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
– खिड़की-दरवाजों की संख्या 10, 20, 30 नहीं होना चाहिए अर्थात शून्य इकाई नहीं आना चाहिए।
-घर के खिड़की दरवाजे इस प्रकार होनी चाहिए, कि सूर्य का प्रकाश ज्‍यादा से ज्‍यादा समय के लिए घर के अंदर आए। इससे घर की बीमारियां दूर भागती हैं।
-परिवार में लड़ाई-झगड़ों से बचने के लिए ड्रॉइंग रूम यानी बैठक में फूलों का गुलदस्‍ता लगाएं।
-रसोई घर और पूजा की अल्‍मारी या मंदिर एक जगह नहीं होना चाहिए यानि मंदिर में पूजा घर नहीं बनाना चाहिए।
-बेडरूम में भगवान के कैलेंडर या तस्‍वीरें या फिर धार्मिक आस्‍था से जुड़ी वस्‍तुएं नहीं रखनी चाहिए अगर कुछ लगाना है तो अपने परिवार की तस्वीर या प्राकृतिक सौंदर्य दर्शाने वाली तस्‍वीर लगाएं।