वास्‍तु के किन उपायों को आजमाकर रहे डिप्रेशन से दूर

भारत में अपनी पहचान बनाने के साथ- साथ लंदन और अन्य देशों में भी अपने काम के लिए प्रसिद्द वास्तु कंसलटेंट श्री मनोज जैन वास्तु रीडर के साथ होलिस्टिक कोच, ऑरा रीडर, लाइफ कोच भी हैं । वास्तु गुरु मनोज जैन आज आपको बताएंगे की अगर आपके घर में कोई डिप्रेशन का मरीज है

तो दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों पर हल्‍के रंग करवाएं। ताकि गहरे रंगों के कारण उत्‍पन्‍न होने वाली नीरसता से बचा जा सके।

अगर आपके घर में कोई डिप्रेशन का रोगी है तो आपको सोफे का रंग हल्‍के नीले रंग का रखना चाहिए। ऐसा करने से रोगी का दिमाग ठंडा रहेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी।

रोगी के घर में जाले गलती से भी न रहने पाएं। जाले मानसिक तनाव को बढ़ाते हैं।

ध्‍यान रखें कि आपके घर में अगर कोई डिप्रेशन का मरीज है तो रसोई में काले रंग का पत्‍थर न लगवाएं, क्‍योंकि काला रंग निराशा देता है।

रोगी को घर में सूती आसन बिछाकर प्रात: बेला में 7 बजे से पहले ही पूजा-पाठ कर लेनी चाहिए। शास्‍त्रों में बताया गया है कि यही समय पूजा का अधिकतम सकारात्‍मक परिणाम देने वाला होता है।

रोगी के घर की रसोई में रात को जूठे बर्तन नहीं छोड़ने चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्‍मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में डिप्रेशन से परेशान रोगियों की परेशानी और ज्‍यादा बढ़ सकती है। रसोई में एक बात और ध्‍यान रखने वाली यह है कि चूल्‍हा और पानी एक ही सीध में नहीं रखा जाना चाहिए। इन्‍हें दूर-दूर रखना चाहिए। ऐसा करने गृह कलेश नहीं होता और वातावरण सुखमय रहता है।

डिप्रेशन के रोगी के कमरे में गलती से भी शराब का सेवन न करें ताकि तनाव और भयानक सपनों से रोगी को बचाया जा सके।