वास्तु के अनुसार बनवाएंगे फर्श तो आएगी खुशहाली

भारत से लेकर विदेशों तक अपने ज्ञान और उसके पीछे छिपे साइंटिफिक एप्रोच से लोगों की ज़िन्दगी में एक सकारात्मक बदलाब लाने वाले वास्तु कंसलटेंट श्री मनोज जैन वास्तु रीडर के साथ होलिस्टिक कोच, ऑरा रीडर और लाइफ कोच भी हैं। आज कल शहरों में जितनी तेजी से घरों में का निर्माण हो रहा है उतना ही तेजी से उनके डिज़ाइन और रंग भी बदल रहें हैं कई बार लोग ध्यान नहीं देते और घर की फ्लोरिंग के लिए ऐसा रंग चुन लेते हैं जो वास्तु के हिसाब से सही नहीं होता। जिससे उस घर में नकारात्मकता उत्पन्न होने लगती है इसलिए घर का निर्माण करवाने के बाद उसकी फ्लोरिंग के लिए ऐसे रंगों का चुनाव करना चाहिए जिससे घर में सकरात्मकता और अच्छी ऊर्जा बनी रहे।
आइये जानते हैं मनोज जैन से कि वास्तु के अनुसार की घर की फ्लोरिंग में किस तरह के रंगो का इस्तेमाल करना चाहिए। 
पूर्व दिशा भगवान सूर्य को भी समर्पित मानी गई है, इस दिशा में सही होने से समाज में मान-सम्मान बना रहता है। वास्तु के अनुसार इस दिशा का फर्श गहरे हरे रंग का होना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार पश्चिम दिशा लक्षमीजी का निवास माना गया है। इसलिए इस दिशा का दोष मुक्त होना बहुत जरूरी है। इस दिशा में अच्छी साफ-सफाई रखनी चाहिए। इस दिशा में फर्श का रंग सफेद होना चाहिए और बहुत ज्यादा आकृति और डिजाइंस नहीं होना चाहिए। घर की उत्तर दिशा बेहद महत्वपूर्ण होती है। वास्तु-शास्त्र के अनुसार केवल इस एक दिशा के सही होने से घर में खुशहाली आती है। इस दिशा में हमेशा गहरे काले रंग का पत्थर फर्श के तौर पर लगवाना चाहिए। वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा चूंकि इसे यम की दिशा मानी जाती है तो यहां के फर्श का रंग गहरा लाल होना चाहिए…। उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान शिव का वास माना गया है। शिवजी को आसमानी और नीला रंग बेहद पसंद है, इसलिए शिव पूजा में आसमानी रंगों का प्रयोग किया जाना शुभ माना गया है। दक्षिण दिशा के स्वभाव से ठीक विपरीत दक्षिण पश्चिम दिशा का स्वभाव है। इस दिशा में हल्के रंगों का इस्तेमाल सही माना गया है। यहां हल्के गुलाबी रंग का फर्श ठीक माना गया है।