वास्तु के अनुसार करें खिड़कियों का निर्माण लगातार होगी धनवर्षा

भारत से लेकर विदेशों तक अपने ज्ञान और उसके पीछे छिपे साइंटिफिक एप्रोच से लोगों की ज़िन्दगी में एक सकारात्मक बदलाब लाने वाले वास्तु कंसलटेंट श्री मनोज जैन वास्तु रीडर के साथ होलिस्टिक कोच, ऑरा रीडर और लाइफ कोच भी हैं। ‘

आज के दौर में प्रत्येक व्यक्ति जब घर बनाता है तो उस घर में मन मुताबिक सभी सुविधाएं चाहता है किसी भी घर का एक जरुरी हिस्सा उस घर की खिड़कियां होती हैं । किसी भी घर का वास्तु उसकी जमीन, स्थान ,डिज़ाइन पर निर्भर करता है। इन सबके साथ साथ यह भी मायने रखता है की उस घर की खिड़कियां कैसी हैं। घर में रोशनी और शुद्ध हवा के साथ साथ वास्तु में खिड़कियों की क्या भूमिका है आइए जानते हैं मनोज जैन से

घर बनवाते समय और खासतौर से खिड़कियों के लिए स्पेस छुड़वाते समय इस बात का ध्यान रखें कि घर में खिड़कियां हमेशा सम संख्या में होनी चाहिए। जैसे, 2,,4,6,8,10 इत्यादि। विषम संख्या में खिड़कियां शुभ नहीं मानी जातीं। खिड़कियां घर की पूर्व, पश्चिम और उत्तर दिशा पर होना शुभ माना जाता है।
घर का जो मुख्य द्वार है, उसके दोनों तरफ खिड़कियां बन सकें। इससे चुंबकीय चक्र पूरा होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह लगातार बना रहता है।
पूर्व दिशा में बनी हुई खिड़कियां न केवल सूर्य की पहली किरण को घर में प्रवेश कराती हैं,बल्कि इस रौशनी के साथ सौभाग्य भी लेकर आती है। इससे घर-परिवार के लोगों को लगातार तरक्की मिलती है। उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में खिड़कियां परिवार पर कुबेर देवता की कृपादृष्टि के लिए अच्छी मानी जाती है। इससे घर में लगातार धन बरसता रहता है।यदि आपके प्लॉट के उत्तर में किसी अन्य का प्लॉट हो तो आप अपने घर का निर्माण कराते समय थोड़ा स्थान उत्तर दिशा की तरफ छोड़ दें और फिर घर का निर्माण कराएं। ऐसा करने से आपके घर का साइज छोटा जरूर हो जाएगा, लेकिन इस दिशा से आने वाली समृद्धि से आप ऐसे कई घर बना सकते हैं।