दिन की शुरुआत करने से पहले करें एक काम ,धन लाभ के साथ परिवार में रहेगी शांति

भारत में अपनी पहचान बनाने के साथ- साथ लंदन और अन्य देशों में भी अपने काम के लिए प्रसिद्द वास्तु कंसलटेंट श्री मनोज जैन वास्तु रीडर के साथ होलिस्टिक कोच, ऑरा रीडर, लाइफ कोच भी हैं ।

जिस घर में वास्तुदोष होता है वहां कभी सुख-समृद्धि का वास नहीं होता है। घर का वास्तु दोष किसी भी दिशा से परिवार के लोगों पर प्रहार कर नकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है। घर के वास्तु दोष का परिणाम इतना अधिक घातक होता है कि घर के लोग शोक-संतापों से हमेशा परेशान रहते हैं।

वास्तु शास्त्र केअनुसार घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक बनाना चाहिए। ऐसा करने से घर में बुरी और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं होता है। साथ ही घर के मुख्य दरवाजे पर गंगाजल का छिड़काव करे तो घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है। इतना ही नहीं यदि घर की महिला मुख्य दरवाजे पर रंगोली सजाए तो उस घर में दरिद्रता का वास कभी नहीं होता है।

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा पूरब और उत्तर दिशा में होना सबसे उत्तम माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व और उत्तर दिशा का दरवाजा घर में सुख-समृद्धि और शोहरत लाता है। इसके अतिरिक्त पश्चिम या दक्षिण दिशा में भी घर का मुख्य दरवाजा भी शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पश्चिम अथवा दक्षिण दिशा का दरवाजा घर में खुशहाली का समावेश होता है।

इसके साथ वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा चार भुजाओं की चौखट वाला ही बनवाना चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार ऐसा करना घर की खुशहाली में चार चाँद लगाता है। साथ ही घर का वातावरण संस्कारमय दिखता है और घर में धन की देवी लक्ष्मी सदैव विराजमान रहती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि प्रतिदिन अशोक के पत्तों अथवा आम, पीपल और कनेर के पत्तों को एक धागे से बांध कर उसका तोरण बनाकर मकान के मुख्य द्वार पर लटकाने से घर में सुख-सम्पन्नता आती है। साथ ही घर में धनवृद्धि और मन की शांति प्राप्त होती है। तोरण बांधने से देवी-देवता सारे कार्य निर्विध्न रूप से सम्पन्न कराकर मंगल प्रदान करते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार जब घर का मुख्य द्वार सुशोभित होगा तभी प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होती है।