क्या है फेंगशुई ? भारतीए संस्कृति का हिस्सा या पश्चमी सभ्यता की निशानी

आजकल लोग शादियों में जाए, जन्मदिन या घर के मुहरत पर जायें। तोहफे के नाम पर लाफिंगबुद्धा, #फेंगशुई_पिरामिड, चाइनीज़_ड्रेगन, #कछुआ, #फेंगसुई_सिक्के, #तीन_टांगों_वाला_मेंढक और #हाथ_हिलाती_हुई_बिल्ली जैसे तोहफे लेकर जाते है। हमारे समाज में भेड़चाल का चलन बहुत पहले से चलता आ रहा है और उसी का नतीजा है की लोग बिना जाने फेंगशुई के गिफ्ट आइटम्स को खरीद कर लोगो को दे रहे हैं और अपने घरों में भी सजाते हैं पर यह नहीं जानते के हमारे देश और हमारे पूर्वजों का फेनशुई से कोई संबंध नहीं है।

इन #चाइनीज़ #फेंगशुई के मॉडलों का मुख्य काम और उसे रखने की दिशा के बारे में बताया जाता है। जैसे लाफिंग #बुद्धा का काम घर में धन, दौलत, अनाज और प्रसन्नता लाना होता है और उसे दरवाजे की ओर मुख करके रखना पड़ता है।इसी तरह सिक्के वाला तीन टांगों वाला मेंढक रखने से धन का प्रभाव, #चाइनीज #ड्रैगन को कमरे में रखने से रोगों से मुक्ति, #विंडचाइम लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह, प्लास्टिक के #पिरामिड लगाने से वास्तुदोषों से मुक्ति, चाइनीज सिक्के बटुए में रखने से सौभाग्य में वृद्धि होगी ऐसा लिखा होता है। लोग देखा-देखी बस फॉलो करते जा रहे हैं जब उन सब  का हमारी संस्कृति और सभ्यता से कोई संबंध नहीं है तो कैसे हमे उसका लाभ हो सकता है? फेंगशुई ने हमारे भारतीय संस्कृति को प्रभावित कर दिया है। फेंगशुई के जगह हमे हमारे देवी देवताओं की प्रतिमा आदि तोहफे में देनी चाहिए जिससे सुख समृद्धि आती है और घर में भगवान का वास होता है।